Ziyarat E Nahiya In Hindi -
"इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन" - हम अल्लाह के हैं और उसी की तरफ लौटना है। सत्य पर बलिदान देने वाले इमाम हुसैन को कोटि-कोटि सलाम। अस्वीकरण: यह लेख शिया इस्लामी मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक जानकारी प्रदान करना है।
एक मोमिन के लिए जरूरी है कि वह कम से कम हर रोज़ एक बार इस ज़ियारत की तिलावत करे। यह हमें सिर्फ दुखी नहीं करती, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) के रास्ते (अम्र बिल मारूफ और नही अनिल मुनकर) पर चलने की ताकत भी देती है। ziyarat e nahiya in hindi
यह लेख विशेष रूप से हिंदी भाषी पाठकों के लिए लिखा गया है, ताकि वे ज़ियारत-ए-नाहिया का अर्थ, महत्व, और इसकी फज़ीलत को सरल हिंदी भाषा में समझ सकें। ज़ियारत-ए-नाहिया (अरबी: زیارة الناحية) एक प्रसिद्ध ज़ियारत (सलाम) है जो हमारे 12वें इमाम, हज़रत इमाम मेहदी (अ.स.) ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और करबला के शहीदों को संबोधित करते हुए पढ़ी थी। इस ज़ियारत में इमाम हुसैन (अ.स.) की मसीबतों का बयान इतना मार्मिक है कि इसे पढ़ते हुए हर मोमिन की आंखें भर आती हैं। ziyarat e nahiya in hindi